रिश्वतखोरी के आरोपों से फिर घिरा हिनौता बिजली विभाग, जेई प्रदीप पटेल पर कार्रवाई की मांग तेज

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दमोह/हटा। हिनौता विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार और मनमानी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप पटेल पर एक बार फिर रिश्वतखोरी और धमकी के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम बुढवार निवासी टीकाराम कुर्मी ने कलेक्टर दमोह एवं कार्यपालन यंत्री को आवेदन देकर शिकायत की है कि जेई ने उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, और पैसे न देने पर झूठे बिजली चोरी के केस में फंसा दिया।
पीड़ित टीकाराम का कहना है कि उसने सोलर पैनल योजना के तहत 5 किलोवाट का कनेक्शन वैधानिक प्रक्रिया से प्राप्त किया और उसका ही उपयोग कर रहा है। इसके बावजूद जेई प्रदीप पटेल द्वारा पुराने बकाया का दबाव बनाकर अवैध वसूली का प्रयास किया गया। जब उसने रिश्वत देने से इंकार किया, तो जेई ने फर्जी प्रकरण तैयार कर परिवार को भी धमकाने की कोशिश की।

पीड़ित व्यक्ति ने कलेक्टर दमोह और विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री से मांग की है कि पूरा मामला जांच के दायरे में लाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि विद्युत लाइन खराब होने के बावजूद भी जेई ने झूठा प्रकरण बना दिया, जिससे साफ है कि यह सब उत्पीड़न और अवैध वसूली का हिस्सा है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि फर्जी प्रीलिटिगेशन प्रकरण की जांच कराकर उसे समाप्त किया जाए।
वहीं आपको बता दें कि हिनौता विद्युत विभाग का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जेई प्रदीप पटेल पर रिश्वतखोरी, मनमानी और झूठे प्रकरण तैयार करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। लेकिन प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को सबकुछ पता होने के बावजूद, न तो कोई ठोस कार्रवाई की जाती है और न ही निष्पक्ष जांच। हर बार की तरह यह मामले ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं, जिससे भ्रष्टाचार को और बल मिलता है।
क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण मिलता रहेगा, तब तक आम जनता का शोषण जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार प्रशासन साहस दिखाकर हिनौता विद्युत विभाग की कारगुजारियों पर नकेल कसता है, या फिर यह मामला भी पूर्व की तरह फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा, जो कि देखना लाजमी होगा।

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