जबलपुर। जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत रोसरा में पंचायत निधि के खुलेआम दुरुपयोग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरपंच पति दुर्गेश पटेल पर आरोप है कि उन्होंने अपने रसूख और पद के प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी पैसों से अपनी 5 एकड़ निजी जमीन तक पहुंचने के लिए अवैध पुलिया का निर्माण शुरू करा दिया।
ग्राम निवासी राम सहाय पिता हरिलाल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिहोरा और जनपद पंचायत मझौली को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह निजी स्वार्थ के लिए कराया जा रहा था। शिकायत के मुताबिक, सरकारी खजाने को निजी सुविधा के लिए लुटाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण से प्राकृतिक जल निकासी बाधित हो रही है। बरसात में नाले का पानी रुकने से खेतों में जलभराव होगा और किसानों की फसलें बर्बाद हो सकती हैं। यानी एक व्यक्ति के निजी लाभ के लिए पूरे गांव को नुकसान उठाने की नौबत आ सकती है।
मामले में यह भी आरोप है कि ठेकेदार हीरा चक्रवर्ती द्वारा निजी मजदूरों से काम कराया जा रहा था, जबकि किसी प्रकार का मास्टर रोल जारी नहीं किया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मजदूरी का भुगतान किस आधार पर और किसके नाम से किया जा रहा था।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस मामले की शिकायत 21 अप्रैल 2026 को भी की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे प्रशासनिक उदासीनता और संभावित मिलीभगत की आशंका भी गहराने लगी है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अवैध निर्माण पर रोक और सरकारी धन के दुरुपयोग के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


