रिपोर्ट – शरद गर्ग (दमोह)
दमोह/हटा। हटा के डबल लॉक खाद वितरण केंद्र पर बीते कुछ दिनों से जारी अव्यवस्थित वितरण प्रणाली ने किसानों को बेहाल कर दिया था। लेकिन खबर मप्र 24×7 द्वारा यह मुद्दा प्रमुखता से उठाने के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। जिला विपणन अधिकारी, राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित दमोह ने तत्काल प्रभाव से नई वितरण व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी किया है, जो 06 अक्टूबर से 08 अक्टूबर 2025 तक प्रभावी रहेगी।
अव्यवस्था से त्रस्त थे अन्नदाता
हटा डबल लॉक केंद्र पर किसानों को पिछले कई दिनों से खाद के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा था। कड़ी धूप और भीषण गर्मी में अन्नदाता घंटों लाइन में लगे रहने के बावजूद बड़ी मशक्कत के बाद टोकन प्राप्त होता था और पर्याप्त मात्रा में खाद भी प्राप्त नहीं कर पा रहे थे। वहीं, वितरण केंद्रों पर न छाया की व्यवस्था थी, न पानी, न ही बैठने की कोई सुविधा। कई किसान बेबस होकर खाली हाथ लौटने को मजबूर थे। ऐसे हालातों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए थे। किसानों की आवाज जब मीडिया के ज़रिए उठाई गई, तो आखिरकार प्रशासन को सक्रिय होना पड़ा।
प्रशासन ने जारी की नई व्यवस्था

खबर के प्रभाव और किसानों की परेशानी को देखते हुए जिला विपणन अधिकारी ने डीएपी खाद वितरण की नई नीति और समय-सारणी जारी की है। नई व्यवस्था के तहत अब खाद का वितरण सुबह 8 बजे से से किया जाएगा, जिससे किसानों को समय पर और व्यवस्थित रूप से खाद मिल सके।
वितरण की तिथि एवं टोकन क्रम इस प्रकार रहेंगे
06 अक्टूबर 2025: टोकन नंबर 01 से 400 तथा 26 सितंबर के शेष टोकन वाले किसान।
07 अक्टूबर 2025: टोकन नंबर 401 से 1000 तक के किसान।
08 अक्टूबर 2025: टोकन नंबर 1000 से अधिक वाले किसान।
नवीन टोकन वितरण: 09 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) को मंडी परिसर हटा से किया जाएगा।
(नवीन टोकन 09 अक्टूबर से पहले जारी नहीं किए जाएंगे।)
प्रत्येक किसान को 3 बोरी तक डीएपी
नई गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्येक टोकन पर पहले की तरह ही अधिकतम 3 बोरी डीएपी खाद ही दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही, प्रशासन ने निजी विक्रेताओं के काउंटर भी लगवाने का निर्णय लिया है, जहां किसानों को शासकीय दरों पर खाद दी जाएगी। यह व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने और तेजी से वितरण सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
अब मिलेगी छाया, पानी की व्यवस्था
किसानों को अब पहले जैसी तकलीफों का सामना न करना पड़े, इसके लिए हटा डबल लॉक केंद्र परिसर में छाया और पीने के पानी सुविधा का प्रबंध किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को मानवीय और सम्मानजनक वातावरण में खाद प्राप्त हो — यह उनकी प्राथमिकता है।
किसानों में उम्मीद की किरण
नई व्यवस्था से किसानों में राहत और उम्मीद दोनों जगी हैं।अन्नदाताओं का कहना है कि अगर यह प्रणाली सही ढंग से लागू की गई, तो उन्हें खाद के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा और बोवनी का काम भी समय पर हो सकेगा। कई किसान इस कदम को “खबर की ताकत” और “जनआवाज़ की जीत” बता रहे हैं।
हटा के किसानों की पीड़ा पर बनी यह खबर सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि उस आवाज़ का प्रतीक है जो प्रशासन तक पहुँची और बदलाव लेकर आई। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन द्वारा घोषित यह नई व्यवस्था जमीन पर कितनी कारगर साबित होती है और किसानों को वाकई राहत दिला पाती है या नहीं।




