हरदुआ सड़क पंचायत में जनादेश पर सवाल… बृजेश पटेल पर दखल के आरोप, प्रवेंद्र पटेल के कथित दावों से गरमाया विवाद

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हरदुआ सड़क पंचायत में लोकतंत्र बनाम प्रभाव की जंग
बृजेश पटेल पर दखल के आरोप, प्रवेंद्र पटेल के कथित दावों से गरमाया विवाद
बड़ा सवाल—पंचायत जनता के जनादेश से चल रही है या प्रभावशाली हस्तक्षेप से?
रिपोर्ट – शरद गर्ग (दमोह)
दमोह/हटा। हटा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरदुआ सड़क में पंचायत संचालन को लेकर उठ रहे सवाल अब चर्चा का विषय बन गए हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि पंचायत की निर्वाचित सरपंच दीपा राजगोंड हैं, लेकिन पंचायत के कई मामलों में सक्रियता और प्रभाव कुछ अन्य लोगों का दिखाई दे रहा है। ऐसे में पंचायत की वास्तविक कमान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत के कार्यों में सक्रिय बताए जा रहे बृजेश पटेल स्वयं को केवल सहयोगी बताते हैं, लेकिन उनकी लगातार सक्रियता और कथित तौर पर सरपंच-सचिव सूची में मोबाइल नंबर दर्ज होने की चर्चा ने विवाद को और हवा दे दी है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि भूमिका केवल सहयोग तक सीमित है, तो पंचायत के मामलों में इतनी सक्रिय भागीदारी आखिर किस आधार पर है।
विवाद को और गंभीर बनाते हुए बृजेश पटेल के कथित तौर पर भाई बताए जा रहे प्रवेंद्र पटेल का नाम भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार वे ग्राम बंधा स्थित हाईस्कूल में आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उनके द्वारा स्वयं को सरपंच बताए जाने के कथित दावे ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। यदि पंचायत की निर्वाचित सरपंच कोई और हैं, तो ऐसे दावों की वास्तविकता क्या है, यह भी बड़ा सवाल है। आरोप है कि पंचायत में जनादेश से अधिक प्रभाव का दबदबा दिखाई दे रहा है। यदि ऐसा है, तो यह केवल अधिकारों के अतिक्रमण का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना पर भी सवाल खड़ा करता है। वही इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला शिक्षाधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया है। अब मामले में जल्द ही जिला प्रशासन से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की तैयारी की जा रही हैं।
इनका कहना है —
स्वयं को सरपंच बताए जाने संबंधी दावों के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता, लेकिन सरपंच-सचिव की सूची चेक करा लेते हैं।
— संजीव गोस्वामी (सीईओ, जनपद पंचायत हटा)

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