दमोह। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत जिले के उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी जारी है, जिसमें कई खरीदी केंद्रों पर अनियमितता के आरोप सामने आ रहे है, इसी क्रम में जिले के घाना मैली धान उपार्जन केंद्र क्रमांक–2 पर धान खरीदी के नाम पर खुला खेल चल रहा है। अमानक धान की तुलाई, किसानों से अवैध वसूली और मनमानी व्यवस्था के गंभीर आरोप सामने आए हैं। हालात ऐसे हैं कि केंद्र पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लगी हैं और किसान घंटों नहीं, बल्कि दिनों तक परेशान होने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां नियम-कानून ताक पर रखकर धान की खरीदी की जा रही है। गुणवत्ता मापदंडों को दरकिनार कर अमानक धान को पास किया जा रहा है, जबकि किसानों से कथित तौर पर अवैध राशि वसूली की जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल उपार्जन केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह ठाकुर और नोडल अधिकारी रीतेश सिंह ठाकुर की जुगलबंदी में अंजाम दिए जाने के आरोप हैं। वही सूत्रो से यह भी खबर है, कि किसानों से बिना “लेन-देन” के ना तो तुलाई हो रही है और न ही समय पर खरीदी होती है। केंद्र पर फैली अव्यवस्था ने शासन की खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला किसानों के साथ खुलेआम अन्याय और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बन सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक आंखें खोलता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।




