शरद गर्ग दमोह/हटा। जहां एक ओर सरकार पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं चला रही है, वहीं हटा उपकाशी के एक दर्जन से अधिक समाजसेवियों ने बिना किसी सरकारी सहायता के गौरीशंकर मंदिर के पास स्थित मुक्तिधाम में वर्षों से हरियाली की अलख जगा रखी है। इन समाजसेवियों ने मुक्तिधाम को न केवल पौधों से सजाया है, बल्कि लगातार सावधानी और सेवा से इनका संरक्षण भी किया है। आम, सागौन, पीपल, बटवृक्ष, शीशम, नीम, बेल, जासुन, डगरी, एवं सुगंधित फूलों के दर्जनों पौधे यहाँ रोपित किए गए हैं। यह सिर्फ पौधारोपण नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति प्रेम का प्रत्यक्ष उदाहरण है। अशोक ‘चंपी’ चौरसिया ने बताया कि “हर रविवार सुबह हम सभी समाजसेवी एकत्र होकर पौधों की देखभाल, सफाई और नई पौध का रोपण करते हैं। यह कार्य हम श्रद्धा और सेवा-भाव से करते हैं, जिससे नगरवासियों को भी प्रेरणा मिले। कामता तन्तुवाय ने आग्रह किया कि वर्षा ऋतु में अधिकाधिक पौधारोपण किया जाए और सभी छोटे प्रयासों को सामूहिक बनाया जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को हरा-भरा वातावरण मिले। डॉ. वीरेंद्र मोदी ने नगरवासियों से अपील की कि “अपने जन्मदिन या विवाह वर्षगांठ जैसे खास अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसका संरक्षण भी करें। यही हमारी असली सेवा और उत्तरदायित्व है। इस पुनीत कार्य में पंडित पुष्पेंद्र पांडे, अशोक चंपी चौरसिया, मुन्नी पाराशर, जितेंद्र राय, केशव प्रजापति, रामकुमार राय, डॉ. बीरेंद्र मोदी, नारायण तन्तुवाय, शिवशंकर कुशवाहा, धर्मेंद्र सेन, सोनू पंडा, रियल अग्रवाल, लखनलाल पटेल सहित अनेक समाजसेवी निरंतर सक्रिय हैं।




