आजादी के मंच पर ‘भ्रष्टाचार’ का विस्फोट! पूर्व प्राचार्य ने प्रभारी प्राचार्य पर लगाए संगीन आरोप, वीडियो वायरल

SHARE:

रिपोर्ट – शरद गर्ग (दमोह)
दमोह/पटेरा। जिस मंच से देशभक्ति, शहीदों के बलिदान और राष्ट्रगौरव का संदेश गूंजना था, वही मंच पटेरा के शासकीय एक्सीलेंस स्कूल में प्राचार्य पद को लेकर चल रहे विवाद का अखाड़ा बन गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूर्व प्रभारी प्राचार्य वंदना गुप्ता ने मंच से वर्तमान प्रभारी प्राचार्य कमलेश शर्मा पर भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोप लगाए। समारोह के दौरान दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
मंच से आरोपों की ‘बौछार’, बच्चों के सामने गरमाया विवाद
वायरल वीडियो में पूर्व प्रभारी प्राचार्य विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वर्तमान प्रभारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती नजर आ रही हैं। उन्होंने वरिष्ठ को पीछे छोड़कर पैसे के दम पर प्राचार्य बनने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। मंच से हुई इस बयानबाजी के दौरान तालियां बजने लगीं, जिसके बाद शिक्षकों ने विद्यार्थियों को रोकने का प्रयास किया। राष्ट्रीय पर्व के मंच पर सामने आया यह विवाद अब स्कूल की आंतरिक व्यवस्था और अनुशासन पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
पांच दिन पहले बदला था प्राचार्य का ‘कुर्सी खेल’
मामले की जड़ करीब पांच दिन पहले हुए प्रभार परिवर्तन से जुड़ी है। जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया के आदेश पर वंदना गुप्ता को प्राचार्य पद से हटाकर कमलेश शर्मा को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया था। विभागीय आदेश में कार्यशैली, प्रशासनिक लापरवाही, रद्दी बिक्री, ऑनलाइन उपस्थिति, नामांकन और सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया था। प्रभार बदलते ही स्कूल की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई और स्वतंत्रता दिवस के मंच पर विवाद ने नया मोड़ ले लिया।
पहले ही जताई थी टकराव की आशंका
प्रभारी प्राचार्य कमलेश शर्मा का कहना है कि उन्हें विवाद की आशंका पहले से थी। उन्होंने 14 अगस्त को पटेरा थाने में आवेदन देकर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पुलिस व्यवस्था की मांग की थी। उनका आरोप है कि प्रभार संभालने के बाद उन्हें कार्यालय में बैठने और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
‘आरोपों से आहत हूं’—कमलेश शर्मा
मंच से लगाए गए आरोपों पर प्रभारी प्राचार्य कमलेश शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के गरिमामय कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सामने इस तरह के गंभीर आरोप लगाए जाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी, सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर से करने की बात कही है।
अब डीईओ की जांच पर टिकी निगाहें
वायरल वीडियो और शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब असली सवाल यही है कि मंच से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप महज आपसी खींचतान का हिस्सा हैं या इनके पीछे कोई ठोस तथ्य भी हैं? जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
राष्ट्रीय पर्व के मंच की गरिमा पर भी सवाल
इस पूरे विवाद ने केवल प्राचार्य पद की लड़ाई को ही उजागर नहीं किया, बल्कि राष्ट्रीय पर्व के मंच के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों के सामने सार्वजनिक रूप से लगाए गए गंभीर आरोपों ने स्कूल की कार्यप्रणाली, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। फिलहाल आरोपों की सच्चाई जांच के दायरे में है। जब तक विभागीय जांच ही स्पष्ट करेगा, कि मामले की सच्चाई क्या है। अब नजर शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर है।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई