रिपोर्ट – अमित शर्मा (8349348053)
दमोह। जिले के दमोह देहात थाना अंतर्गत सागर नाका चौकी क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से चोरी के मामले का सह-आरोपी संतोष काछी उर्फ संतोष पटेल फरार हो गया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी को शनिवार शाम हिरासत में लिया गया था और रविवार तड़के करीब 4 बजे शौच क्रिया का बहाना बनाकर वह थाने के पीछे खेतों की ओर भाग निकला। मामले में सीएसपी एच आर पांडे ने बताया कि एडवोकेट गर्ग के चोरी प्रकरण में जयराम काछी पहले से जेल में है, जबकि उसके पिता संतोष काछी को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया था। फरारी के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 262 के तहत एक और अपराध दर्ज किया गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार आरोपी पर पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी द्वारा 2 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। ऐसे में इनामी आरोपी का थाने से फरार हो जाना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। फरार आरोपी की तलाश में टीआई रचना मिश्रा, चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी, सब इंस्पेक्टर विक्रम दांगी सहित पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि संदेह के घेरे में रही है। चोरी के पीड़ित एडवोकेट रामनारायण गर्ग शुरू से ही पुलिस कार्रवाई और विवेचना पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका आरोप है कि उनके जोगी केशव नगर स्थित मकान से लगभग ढाई किलो चांदी, 14 तोला सोना और करीब सात लाख रुपये नकद चोरी हुए थे, लेकिन पुलिस ने बरामदगी के नाम पर केवल दो किलो चांदी और कुछ ग्राम सोना ही जब्त करना दर्शाया। नकदी की बरामदगी को लेकर भी उन्होंने गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

एडवोकेट गर्ग ने इन आरोपों के संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक से लेकर सागर रेंज के आईजी, डीजीपी भोपाल तथा गृह मंत्रालय तक शिकायतें भेजी हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पारदर्शी जांच नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। चोरी से लेकर आरोपी की फरारी तक घटनाक्रम ने देहात थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब पूरे जिले की नजर इस बात पर टिकी है कि फरार इनामी आरोपी कब तक पकड़ा जाता है और जिम्मेदारी तय करने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।




