विधायक ने दो मंत्रियों पर लगाए दखलंदाजी के आरोप, प्रभारी मंत्री ने दिया सुलझाने का आश्वासन

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दमोह। मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, इसका संकेत दमोह जिले से सामने आई एक बड़ी खबर ने दिया है। जिले की हटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक उमादेवी खटीक ने अपनी ही पार्टी के दो जिला मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक खटीक ने प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात कर शिकायत की कि जिले के मंत्री लगातार उनके विधानसभा क्षेत्र के मामलों में अनावश्यक दखलअंदाजी कर रहे हैं, जिससे उन्हें काम करने में परेशानी हो रही है।
बुधवार को दमोह में भाजपा कार्यालय में पदाधिकारियों से मिलने पहुंचे प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार के सामने विधायक उमादेवी खटीक ने अपने मन की पीड़ा खुलकर व्यक्त की। उन्होंने कथित तौर पर यहां तक कह दिया कि अगर मंत्रियों को उनके क्षेत्र में ही काम करना है, तो वे हटा में अपना कार्यालय खोल लें और वह स्वयं विधायक पद से इस्तीफा दे देंगी। यह तीखी टिप्पणी जिले में पार्टी के भीतर चल रही अंतर्कलह को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। दमोह जिले से राज्य सरकार में पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और पशुपालन मंत्री लखन पटेल हैं। हालांकि, विधायक खटीक ने सार्वजनिक रूप से किसी मंत्री का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा जिले के इन दोनों मंत्रियों की तरफ माना जा रहा है।
मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने हस्तक्षेप किया और विधायक खटीक को शांत कराया। उन्होंने इस तरह की दखलअंदाजी की पुनरावृत्ति न होने देने का आश्वासन भी दिया। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री परमार ने कहा कि भाजपा एक बड़ा परिवार है और सभी साथ मिलकर रहते हैं। उन्होंने इस आंतरिक विवाद को ‘घर की बात’ बताते हुए जल्द ही सुलझा लेने का भरोसा दिलाया।
बैठक के बाद जब मीडिया ने विधायक उमादेवी खटीक से बात की, तो उन्होंने अपने बयान से थोड़ा पलटने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था और उनकी मुख्य पीड़ा ट्रांसफर नीति को लेकर थी। वहीं, मंत्रियों के लिए हटा में कार्यालय खोलने और इस्तीफे वाली बात पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह बात गुस्से में मुंह से निकल गई थी। विधायक का यह बयान, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद, मामले को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
विधायक खटीक द्वारा मंत्रियों की शिकायत और इस्तीफे की पेशकश ने दमोह भाजपा में गुटबाजी और सत्ता के समीकरणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभारी मंत्री के आश्वासन के बाद भी यह मुद्दा शांत होगा या नहीं, यह देखना बाकी है। फिलहाल, यह घटना राज्य भाजपा के लिए एक आंतरिक चुनौती के रूप में सामने आई है, जिसे ‘परिवार की बात’ कहकर हल्के में नहीं लिया जा सकता।

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