रिपोर्ट – अमित शर्मा एडिटर इन चीफ (83493 48053)
दमोह/ पटेरा । जनपद पंचायत पटेरा में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। पंचायतों में धुंधले, संदिग्ध और अधूरे विवरण वाले बिलों के जरिए करोड़ों की सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है। यह कोई सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि योजनाबद्ध लूट है।
धुंधले बिल पास, योजनाओं की लाश – अफसर बने भागीदार
ग्रामीणों का कहना है कि जनपद और पंचायत के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव ही नहीं है। बिलों में न काम का सही विवरण है, न भुगतान का ठोस आधार, फिर भी पास कर दिए जा रहे हैं। यह खुली डकैती गरीबों के हक़ पर सीधा वार है।
सीईओ की खामोशी बनी सबसे बड़ा सबूत
हमारे संवाददाता ने जब जनपद पंचायत सीईओ हलधर मिश्र से इस घोटाले पर बात करनी चाही तो उन्होंने फोन तक उठाना उचित नहीं समझा। उनकी यह खामोशी ही बताने के लिए काफी है कि माजरा क्या है। आरोप है कि जब तक जनपद अफसर 40% का हिस्सा नहीं लेते, बिल पास नहीं होते।
जनता का सवाल – कार्रवाई कब होगी?
ग्रामीणों में गुस्सा है। लोग अब खुलकर मांग कर रहे हैं कि इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन इस लूट पर लगाम लगाएगा या गरीबों के हक का पैसा इसी तरह बंदरबांट होता रहेगा?




