रिपोर्ट – शरद गर्ग (ब्यूरो दमोह)
दमोह। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर रोक लगाने के प्रयासों के बावजूद यह सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। मंगलवार को सागर लोकायुक्त पुलिस ने दमोह में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (R.E.S.) के सब इंजीनियर राजन सिंह ठाकुर को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शहर की अभिनव होम्स कॉलोनी स्थित उनके सरकारी आवास पर की गई।
ग्राम पंचायत बरमासा के सरपंच से रिश्वत की मांग
जानकारी के अनुसार, सब इंजीनियर राजन सिंह ने ग्राम पंचायत बरमासा के सरपंच लीला गौंड से पंचायत में हुए निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी।
सरपंच ने बताया कि पंचायत में कई बड़े निर्माण कार्य पूरे हो चुके थे, जिनमें ₹3.70 लाख की पुलिया, ₹4 लाख की सीसी रोड, ₹15 लाख का सामुदायिक भवन, ₹4 लाख की स्कूल बाउंड्री वॉल शामिल थे। ये सभी कार्य करीब दो साल पहले पूरे हो चुके थे, लेकिन मूल्यांकन नहीं होने से भुगतान अटका हुआ था।
पहले ही दिए थे ₹10,000, फिर भी दबाव
सरपंच ने बताया कि वह पहले ही ₹10,000 दे चुके थे, इसके बाद भी सब इंजीनियर बार-बार पूरी राशि की मांग कर रहे थे। थककर उन्होंने 16 सितंबर को लोकायुक्त एसपी से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन उसी दिन कर लिया गया।
जाल बिछाकर कार्रवाई
लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही सरपंच ने रिश्वत की किस्त ₹20,000 आरोपी को सौंपी, टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीआई रंजीत सिंह ने बताया कि आरोपी सब इंजीनियर राजन सिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उनके सरकारी आवास पर की गई है
भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी नहीं थम रही
लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह उजागर कर दिया कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी किस कदर जड़ें जमाए हुए है। शिकायतों और लगातार हो रही कार्यवाहियों के बावजूद भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आमजन में गहरा आक्रोश है।
जिलेभर में हड़कंप, जनता ने सराहा कदम
दमोह में इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग और जिले में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन लोकयुक्त टीम की सराहना कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि भ्रष्टाचारियों पर इसी तरह शिकंजा कसते रहना चाहिए।




