सोशल मीडिया पर नाम घसीटने और एडिटेड वीडियो से छवि धूमिल करने का आरोप, विधायक प्रतिनिधि भरत पटेल ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

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रिपोर्ट – शरद गर्ग (दमोह)
दमोह/पटेरा। विधायक प्रतिनिधि भरत पटेल ने सोशल मीडिया पर उनका नाम विवादों से जोड़ने और एडिटेड वीडियो वायरल कर छवि धूमिल करने के प्रयासों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं, बल्कि जनता के बीच भ्रम फैलाने का सुनियोजित प्रयास भी है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। भरत पटेल ने आरोप लगाया कि पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार उनका नाम लिया जा रहा है, जबकि उनके परिवार के किसी भी घरेलू विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत चुनाव में जनता ने साहिल को अपना जनप्रतिनिधि चुना था और सभी ने लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान किया। इसके बावजूद बिना किसी आधार के उनका नाम विवादों में घसीटकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और विरोध स्वाभाविक है, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ तथ्यहीन बातें फैलाना, झूठे आरोप लगाना और उसकी सामाजिक व राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तक उन्होंने संयम बनाए रखा, लेकिन यदि यह अभियान जारी रहा तो वह कानून का सहारा लेने में देर नहीं करेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान भरत पटेल ने सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे एक वीडियो को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती की शिकायतों के बाद वह पटेरा विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे, जहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरों के समान बिजली उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दौरान बनाए गए वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया, जिससे उनकी छवि खराब करने और जनता के बीच गलत संदेश देने का प्रयास किया गया। उनका कहना था कि वास्तविक घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना दुर्भावनापूर्ण है और यह जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश भी है।
भरत पटेल ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वह जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा प्रतिबद्ध हैं और आगे भी उसी तरह कार्य करते रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोशल मीडिया पर नाम घसीटने, एडिटेड वीडियो वायरल करने और भ्रामक प्रचार का सिलसिला नहीं रुका तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए न्यायालय की शरण ली जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या पोस्ट पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें, ताकि भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार का हिस्सा बनने से बचा जा सके।

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