दमोह। राज्य पशुपालन मंत्री लखन पटेल के गृह ज़िले दमोह से आवारा मवेशियों की दर्दनाक तस्वीरें सामने आई हैं। लगातार हो रही बरसात के बीच सड़क पर असहाय और भीगे हुए मवेशियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पशुपालन विभाग और गौशाला संचालन की हकीकत भी उजागर कर दी है। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर गौशालाएँ संचालित की जाती हैं,
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बेसहारा मवेशी अब भी सड़कों पर भटकने और बारिश में तड़पने को मजबूर हैं। मंत्री के गृह ज़िले में ही यदि मवेशियों के लिए उचित आश्रय और देखभाल उपलब्ध नहीं हो पा रही, तो अन्य ज़िलों की स्थिति का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि आवारा मवेशी न केवल स्वयं कष्ट झेल रहे हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। कई बार ये पशु तेज़ वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं, लेकिन उनके इलाज और देखभाल की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखती। इस पूरे मामले को लेकर आमजन में आक्रोश है और लोग प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब राज्य पशुपालन मंत्री के गृह ज़िले में ही गौशाला योजनाओं का हाल ऐसा है, तो क्या यह योजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित रह गई हैं?




