धनगुवां में गरीबों के आशियाने पर कथित वसूली का साया, आवास योजना के नाम पर ₹5 हजार लेने का आरोप

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रिपोर्टर=अमित शर्मा 8349348053

पटेरा। दमोह जिले के पटेरा विकासखंड की ग्राम पंचायत धनगुवां में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि गरीब हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कथित रूप से ₹5,000 की वसूली की जा रही है। सवाल यह है कि जब सरकार गरीबों को पक्का मकान देने के लिए राशि उपलब्ध करा रही है, तो फिर हितग्राहियों से कथित रूप से पैसा किसके इशारे पर लिया जा रहा है?
स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों के मुताबिक, आवास योजना का लाभ दिलाने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर कुछ हितग्राहियों से ₹5,000 लिए जाने की बात कही जा रही है। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल अवैध वसूली का मामला नहीं, बल्कि गरीबों के हक पर सीधा प्रहार माना जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल जनपद पंचायत पटेरा के सीईओ हलदर मिश्रा की भूमिका को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आखिर शिकायतों और आरोपों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी क्यों है? क्या जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं या फिर किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है?
इधर, स्थानीय स्तर पर विधायक प्रतिनिधि भारत पटेल के कथित संरक्षण के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते पंचायत से जुड़े मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
गरीब से पैसा क्यों?
जिस आवास योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को सम्मानजनक आशियाना देना है, उसी योजना में यदि हितग्राही से कथित रूप से ₹5,000 मांगे जा रहे हैं तो यह बेहद गंभीर सवाल है। गरीब अपना हक पाने के लिए पैसा दे या प्रशासन उसके हक की रक्षा करे—फैसला अब जिला प्रशासन को करना है।

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