शरद गर्ग (ब्यूरो दमोह)। जिले के हटा ब्लॉक के ग्राम बंधा में एक महत्वपूर्ण पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामवासियों ने एकजुट होकर नशा मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लिया। ग्राम पंचायत में उपस्थित समस्त नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों और युवाओं ने सर्वसम्मति से ग्राम में पूर्ण शराबबंदी लागू करने पर अपनी सहमति जताई। पंचायत की बैठक में ग्राम के वरिष्ठ जनों ने यह स्पष्ट रूप से कहा कि शराब गांव की सामाजिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य के लिए घातक बनती जा रही है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है। इस फैसले के तहत यह प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति गांव में शराब बेचते हुए या शराब की बिक्री में सहयोग करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध ₹10,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त उसे समाज से बहिष्कृत करने का भी निर्णय लिया गया है। ग्राम के नागरिकों ने यह भी तय किया कि इस निर्णय को सख्ती से लागू किया जाएगा और किसी भी प्रकार की राजनीतिक या सामाजिक दबाव की कोई गुंजाइश नहीं रखी जाएगी। पंचायत में उपस्थित युवाओं ने इस निर्णय का खुले दिल से समर्थन किया और गांव को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया। इस मौके पर गांव के बुजुर्गों ने कहा, कि यह निर्णय केवल कानून लागू करने के लिए नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य और सामाजिक शुद्धि की दिशा में एक कदम है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी आग्रह किया कि वे इस निर्णय में ग्राम पंचायत का साथ दें और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें। गौरतलब है कि दमोह जिले के विभिन्न हिस्सों में अब ग्रामीण स्तर पर नशामुक्ति की मुहिम जोर पकड़ती जा रही है, और ग्राम बंधा का यह निर्णय अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।




