रिपोर्ट – अमित शर्मा
कटनी । तहसील क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों से समय पर धान का परिवहन नहीं होने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खरीदी केंद्रों में धान की भारी आवक के बावजूद परिवहन व्यवस्था चरमराई हुई है, जिससे केंद्रों में धान का ढेर लग गया है और किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए वे दूर-दराज के गांवों से केंद्रों तक पहुंचते हैं, लेकिन धान उठाव नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार लौटना पड़ता है। कई केंद्रों पर तो हालत यह है कि गोदाम और खुले परिसर पूरी तरह भर चुके हैं, फिर भी परिवहन के लिए ट्रक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया कि परिवहन में हो रही देरी के कारण धान खुले में पड़ा है, जिससे बारिश या नमी के कारण नुकसान की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही केंद्र प्रभारी भी किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द परिवहन शुरू नहीं हुआ तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से परिवहन व्यवस्था सुचारु की जाए, अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था हो और धान का शीघ्र उठाव कराया जाए। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि परिवहन में आ रही दिक्कतों को जल्द दूर किया जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अभी भी जस के तस बने हुए हैं। कुल मिलाकर ढीमरखेड़ा के धान खरीदी केंद्रों पर परिवहन के चलते किसान परेशान हैं और प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




