रिपोर्ट – शरद गर्ग (दमोह)
दमोह/हटा। दमोह जिले के हटा विकासखंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में राघवेंद्र सिंह हजारी महाविद्यालय में हुआ, जिसके साथ-साथ स्वदेशी जागरण सप्ताह की भी शुरुआत की गई। यह सप्ताह 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य और मुख्य बिंदु
इस समारोह का मुख्य उद्देश्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और आरती के साथ हुई।
स्वदेशी पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, स्वदेशी जागरण मंच के प्रताप पटेल ने स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वदेशी भारत की सभ्यता की नींव है। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन खरीदारी की बजाय अपने स्थानीय दुकानदारों से सामान खरीदने का आग्रह किया। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लघु और कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्र की आर्थिक मजबूती
प्रताप पटेल ने कहा कि जब हम अपने क्षेत्र के दुकानदारों से खरीदारी करते हैं, तो हमारा पैसा बाहर की कंपनियों के पास न जाकर हमारे ही देश और समाज में रहता है, जिससे राष्ट्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के दूरदर्शी विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दीनदयाल जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र की उन्नति, भारतीय स्वदेशी और भारत की आर्थिक नींव को मजबूत करने का प्रयास किया था। उनका लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था।
अतिथियों के विचार
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी स्वदेशी के महत्व पर अपने विचार रखे – सौरभ नेमा ने कहा कि स्वदेशी की शुरुआत हम अपने क्षेत्रीय स्तर से कर सकते हैं। अपनी जरूरतों का सामान स्थानीय व्यापारियों से खरीदकर हम विदेशी कंपनियों की बजाय अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं। कन्हैया लाल पटेल ने भी ऑनलाइन खरीदारी से बचने और स्थानीय दुकानदारों को प्राथमिकता देने की बात कही, ताकि एक उन्नत और विकसित भारत का निर्माण हो सके। तहसीलदार शिवराम चढ़ार ने भी अपने संबोधन में स्वदेशी का समर्थन करते हुए स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं का उपयोग करने और छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने की सलाह दी।
सीएमसीएलडीपी कक्षाओं का उद्घाटन
इसी कार्यक्रम के दौरान सीएमसीएलडीपी (मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम) के अंतर्गत बीएसडब्ल्यू (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) और एमएसडब्ल्यू (मास्टर ऑफ सोशल वर्क) की कक्षाओं का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में भोला सराफ, अवधेश उपाध्याय, तहसीलदार हटा शिवराम चढ़ार, अतुल पन्या, गजेंद्र महाजन, गर्वेश राजपूत, पुष्पा सिंह, सुरेश नामदेव, सोमनाथ विश्वकर्मा, प्रिंसदीप खटीक, शिवानी लखेरा, नरेंद्र प्रताप सिंह सहित सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं और कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।





