पोल खोल: विजयसागर पंचायत में 15 लाख की पुलिया पर सवाल! ₹13.89 लाख खर्च, फिर भी निर्माण अधूरा होने का आरोप

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रिपोर्टर अमित शर्मा (8349348083)

 

 विजयसागर पंचायत में 15 लाख की पुलिया पर सवाल! ₹13.89 लाख खर्च, फिर भी निर्माण अधूरा होने का आरोप
घर बैठे मूल्यांकन या कागजों में विकास? इंजीनियर राजकरण वर्मा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार!
दमोह/जबेरा।  जबेरा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों  विजय सागर में विकास कार्यों की हकीकत उजागर करने की मुहिम के बीच जबेरा जनपद की ग्राम पंचायत विजयसागर के ग्राम डेरा में पुलिया निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत स्वीकृत पुलिया निर्माण में कथित अनियमितताओं और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) के अनुरूप नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, ग्राम डेरा में पुलिया निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कथित तौर पर 13 लाख 89 हजार रुपये की राशि निकलने के बाद भी पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, तो निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या भुगतान से पहले कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का विधिवत सत्यापन किया गया था?
मौके पर निरीक्षण की जगह कागजी मूल्यांकन का आरोप!
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और तकनीकी जांच नहीं होने के कारण गुणवत्ता से समझौता हुआ। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियर के स्तर पर प्रभावी निरीक्षण नहीं किया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए तकनीकी जांच और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक है।
इंजीनियर राजकरण वर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल
ग्रामीणों द्वारा इंजीनियर राजकरण वर्मा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि उनके कार्यकाल में आने वाली अन्य पंचायतों के विकास कार्यों की स्थिति भी जांच का विषय है। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार नहीं हुआ और लाखों रुपये का भुगतान भी हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या संबंधित अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया था? भुगतान से पहले गुणवत्ता की जांच हुई थी या फिर फाइलों में दर्ज प्रगति को ही पर्याप्त मान लिया गया?
अब प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए!
विजयसागर पंचायत के ग्राम डेरा में पुलिया निर्माण का मामला केवल एक निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी धन के उपयोग, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा सवाल है। जिला प्रशासन को निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन कराकर स्वीकृत एस्टीमेट, मूल्यांकन रिपोर्ट, माप पुस्तिका (एमबी) और भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच करानी चाहिए।
खबर मध्यप्रदेश न्यूज का सवाल—15 लाख की पुलिया, 13.89 लाख का भुगतान और फिर भी निर्माण अधूरा होने का आरोप! आखिर सरकारी धन के खर्च का हिसाब कौन देगा?

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