पीएम की नसीहत के बीच दमोह में मंत्री का तेवर गरम, प्रेसवार्ता में पत्रकार से अभद्र टिप्पणी पर मचा विवाद
बड़े काफिले के सवाल पर भड़के प्रभारी मंत्री परमार, पत्रकार से बोले- “अपना दिमाग ठीक रखें”
दमोह। प्रधानमंत्री Narendra Modi देशभर में डीजल-पेट्रोल बचाने और फिजूलखर्ची रोकने की नसीहत दे रहे हैं, वहीं दमोह में आयोजित एक सरकारी प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री Inder Singh Parmar का तेवर उस समय गरमा गया, जब उनसे बड़े काफिले को लेकर सवाल पूछ लिया गया। सवाल सुनते ही मंत्री न केवल असहज नजर आए, बल्कि जवाब देते-देते पत्रकार से ही कह बैठे— “आप अपना दिमाग जरा ठीक रखें।”
घटना गुरुवार दोपहर की है। जिला योजना समिति की बैठक और जिला जेल में नई बैरक के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई थी। इसी दौरान एक पत्रकार ने मंत्री से पूछा कि प्रधानमंत्री की ईंधन बचत अपील के बावजूद वे बीजेपी कार्यालय की बैठक में बड़े काफिले के साथ क्यों पहुंचे थे।
सवाल सुनते ही मंत्री परमार ने पहले जवाब को सीमित करने की कोशिश करते हुए कहा कि उनके साथ केवल उनकी गाड़ी और पायलट वाहन था। लेकिन जब पत्रकार ने अन्य वाहनों का जिक्र करते हुए दोबारा सवाल किया तो मंत्री का लहजा तल्ख हो गया। उन्होंने कहा कि “कलेक्टर को बैठक में जाना था, वे गाड़ी से नहीं आएंगे क्या?”
पत्रकार द्वारा यह स्पष्ट किए जाने पर कि सवाल बीजेपी जिला कोर कमेटी की बैठक में पहुंचे वाहनों को लेकर है, तब मंत्री ने सफाई दी कि वहां मौजूद वाहन अन्य मंत्रियों और नेताओं के थे। उन्होंने बताया कि एक गाड़ी पर्यटन मंत्री Dharmendra Singh Lodhi की, एक पशुपालन मंत्री Lakhan Patel की और एक सांसद Rahul Singh Lodhi की थी।
मंत्री ने कहा कि “जो लोग बैठक में अपेक्षित थे, उन्हीं के वाहन साथ चल रहे थे। बड़े काफिले का मतलब यह नहीं होता कि 10 लोग हमारे साथ थे।” लेकिन इसी दौरान उन्होंने पत्रकार की ओर इशारा करते हुए कहा— “आप अपने दिमाग को जरा ठीक रखें।” मंत्री की इस टिप्पणी के बाद प्रेसवार्ता का माहौल अचानक गरमा गया और वहां मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए असहज नजर आए।
घटना के बाद संबंधित पत्रकार ने मंत्री के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने केवल जनहित से जुड़ा सवाल पूछा था। उनका कहना है कि यह शासन द्वारा आयोजित अधिकृत प्रेसवार्ता थी और पत्रकारों को सवाल पूछने का अधिकार है। पत्रकार ने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग भी की है।



