(रिपोर्टर नितिन पंडित)
बुरहानपुर। शहर में बड़े बालाजी महाराज के 15 दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार, 22 अक्टूबर से ताप्ती नदी के सतीयारा घाट (बालाजी घाट) पर तीन दिवसीय भव्य बालाजी मेले का शुभारंभ होगा। मेले को लेकर धार्मिक तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। वहीं, बुधवार, 21 अक्टूबर को नगर निगम ने भी मेले की व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। दुकानों के आवंटन के लिए लेआउट डाला गया, जिसके बाद दुकानदारों ने अपने-अपने स्थान सुनिश्चित किए।
बड़े बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी मोहन बालाजीवाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि बुधवार, 21 अक्टूबर को भगवान बालाजी महाराज अपने छोटे रथ पर हंस वाहन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों पांडुमल चौराहा, गांधी चौक और फव्वारा चौक से होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी।
हनुमान जी के कंधे पर विराजमान होकर घाट पहुंचेंगे भगवान बालाजी
गुरुवार, 22 अक्टूबर को शाम 6 बजे भगवान बालाजी महाराज मंदिर से हनुमान जी के कंधे पर विराजमान होकर गुप्तेश्वर मंदिर के रास्ते ताप्ती नदी के सतीयारा घाट पहुंचेंगे। यहां मां ताप्ती के पावन तट पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के स्वागत में दीपदान किया जाएगा। हजारों दीपों से जगमगाता नदी तट धार्मिक आस्था और श्रद्धा का विशेष आकर्षण रहेगा।
21 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच होगा कुंभाभिषेक
सतीयारा घाट स्थित बालाजी घाट पर भगवान बालाजी महाराज का विधि-विधान से कुंभाभिषेक किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान 21 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होगा। कुंभाभिषेक के बाद भगवान बालाजी महाराज को ताप्ती नदी में स्नान कराया जाएगा। परंपरा के अनुसार, भगवान को तीन डुबकियां लगवाई जाएंगी। इस दौरान श्रद्धालु भी भगवान के साथ ताप्ती नदी में तीन डुबकियां लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
तीनों ओर से होंगे दर्शन, भक्त कर सकेंगे परिक्रमा
शाही स्नान के पश्चात भगवान बालाजी महाराज को बालाजी घाट पर तैयार किए जा रहे अस्थायी पंडाल में विराजमान किया जाएगा। पंडाल की व्यवस्था इस तरह की जा रही है कि श्रद्धालु तीनों ओर से भगवान के दर्शन कर सकेंगे और उनकी परिक्रमा भी कर पाएंगे। तीन दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
नगर निगम ने शुरू की मेले की तैयारियां
बालाजी मेले को लेकर बुधवार, 21 अक्टूबर को नगर निगम की ओर से भी व्यवस्थाएं शुरू कर दी गईं। मेले में दुकानें लगाने के लिए निगम ने लेआउट डाला, जिसके आधार पर दुकानदारों ने अपने-अपने लिए स्थान सुनिश्चित किए। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और व्यापारियों की सुविधाओं को लेकर तैयारियां आगे बढ़ने लगी हैं।
मुख्य पुजारी मोहन बालाजीवाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने श्रद्धालुओं से 15 दिवसीय महोत्सव और तीन दिवसीय बालाजी मेले में शामिल होकर भगवान बालाजी महाराज के दर्शन करने तथा धार्मिक आयोजनों का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

