बाघराजी में फिर सुलगा ‘जुए का अड्डा’! लाखों के दांव, पुलिस की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

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जबलपुर। बाघराजी चौकी क्षेत्र एक बार फिर कथित अवैध जुए के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। इलाके में बड़े पैमाने पर जुए के फड़ संचालित होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां रोजाना हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये तक के दांव लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा है। चर्चाओं में कुल्लू उर्फ निजाम खान (पनागर), भूरा उर्फ जितेंद्र साहू (मझोली), ऋषभ उर्फ रिशु जैन (कछार गांव), आलोक गुप्ता (मझगांव) और अकबर मंसूरी (सिहोरा) के नाम सामने आ रहे हैं। 

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बाघराजी चौकी पुलिस की कथित शह के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ होकर फल-फूल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में अपराध और सामाजिक बुराइयों का दायरा और बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और पाटन सहित आसपास के कई इलाकों से खिलाड़ी यहां पहुंच रहे हैं। देर रात तक चलने वाले इस कथित जुए के खेल में बड़ी रकम दांव पर लगाई जा रही है। क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं को गलत दिशा में धकेल रही हैं। कई परिवार आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

 

सवाल जो उठ रहे हैं…

आखिर किसके संरक्षण में चल रहा कथित जुए का कारोबार?

क्या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं?

यदि जानकारी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?

दूसरे जिलों से पहुंच रहे खिलाड़ियों पर निगरानी क्यों नहीं?

अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इन चर्चाओं और आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध गतिविधियों पर कब तक अंकुश लग पाता है।

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