मझौली/जबलपुर। जबलपुर जिले की मझौली तहसील अंतर्गत बैहर कलां स्थित श्री विनायक वेयरहाउस इन दिनों चर्चाओं और सवालों के घेरे में है। यहां संचालित “भारतमाता संकुल स्त्री संगठन लमकना” के संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि महिलाओं के स्व-सहायता समूह और सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित किए जाने वाले संगठन का संचालन कथित रूप से ब्रज यादव द्वारा किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले को लेकर पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि शासन द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों और संकुल संगठनों का गठन महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया जाता है, लेकिन यदि इन संगठनों का संचालन पुरुषों के प्रभाव में हो रहा है, तो यह योजनाओं की मूल भावना के विपरीत माना जाएगा।
बताया जा रहा है कि लामकना सोसायटी में संचालित गतिविधियों को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हे अब भारतमाता संकुल स्त्री संगठन के संचालन में कथित बाहरी हस्तक्षेप और प्रबंधन को लेकर नई चर्चाओं ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि समूह संचालन में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा। यदि महिला समूहों के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संचालन या हस्तक्षेप किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। लोगों का कहना है कि शासन की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।
यह भी आरोप है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। ऐसे में यदि समूहों के संचालन में अनियमितता या बाहरी प्रभाव सामने आता है, तो इससे न केवल योजना की विश्वसनीयता प्रभावित होती है बल्कि वास्तविक हितग्राहियों के अधिकारों पर भी असर पड़ता है।
मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। हालांकि अभी तक संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज होती जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाएगा और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



